पहाड़ों को चीरता हुआ सूरज: मोहन की मेहनत से सफलता तक की यात्रा

1 month ago

एक ऐसा बचपन जहाँ खिलौने नहीं, जिम्मेदारियाँ थीं हिमाचल प्रदेश के एक दूरस्थ गाँव "मलाणा" में, जो समुद्र तल से…

पत्थरों से पगडंडी बनाकर सिविल सेवा तक: अनिल की अनोखी यात्रा

1 month ago

गाँव की मिट्टी में उगा सपना बिहार के एक दूरस्थ गाँव, जहाँ बिजली एक विलासिता थी और पक्की सड़क एक…

दरवाज़े से दूर, आसमान तक: राहुल की अनोखी यात्रा

1 month ago

अंधेरी कोठरी से पहली किरण तक दिल्ली के उन तंग गलियों में, जहाँ सूरज की रोशनी भी घुसने से कतराती…

कच्ची पगडंडी

1 month ago

कच्ची पगडंडी मेघा के लैपटॉप का स्क्रीनसेवर बार-बार बदल रहा था - हिमालय की तस्वीरें, जिन्हें उसने कभी खुद नहीं…

नानी का मायका

1 month ago

नानी का मायका अवनी ने अपने लैपटॉप का लिड बंद कर दिया। मीटिंग का शोर अब भी उसके कानों में…

धुन कजरी की, कहानी प्यार की

1 month ago

धुन कजरी की, कहानी प्यार की बनारस की गलियाँ सुबह से ही सरसरा रही थीं। नहीं, हवा नहीं, बातचीत से।…

पीपल के नीचे पंचायत

1 month ago

गाँव की वो पुरानी पीपल, जिसकी जड़ें धरती के नीचे कितना फैल चुकी थीं, कोई नहीं जानता था। लेकिन उसकी…

गाँव का मास्टर जी: स्याही और संस्कारों की दुनिया

1 month ago

उस सुबह जब पहली किरण अभी पीपल के पत्तों को छू भी नहीं पाई थी, मास्टर जी पहले ही विद्यालय…

लोटा और लाज

1 month ago

खोया हुआ लोटा बाबूजी का अनमोल लोटा रामस्वरूप दास के लिए उनका पीतल का लोटा कोई साधारण बर्तन नहीं था।…

पोखरे के किनारे

1 month ago

गाँव का वो पुराना पोखरा गर्मियों की एक शाम थी। सूरज ढलने को था और आसमान में नारंगी और बैंगनी…

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