एक अनोखा आगमन सन् 1962 की बात है। हमारा गाँव 'सुखपुरा' दुनिया की भागदौड़ से कोसों दूर, शांति से सोया…
अमित का चेहरा सूरज की आखिरी किरणों में डूबे उस पीली-सुर्ख इमारत की तरफ था, लेकिन नज़रें कहीं और थीं।…
अंधेरी बस्ती का रौशन दिल रामू की झोपड़ी शहर के किनारे बसी उस झुग्गी बस्ती के सबसे निचले हिस्से में…
रामपुर गाँव के बीचों-बीच एक पुराना खेत था, जिसकी एक मेड़ ने दो परिवारों के बीच दशकों पुराने रिश्ते तार-तार…
अंतिम सांसें, अंतिम प्रयास वह रात जब सब कुछ समाप्त होता दिखा माधव की आँखें थकी हुई थीं। कमरे में…
सुनहरे सपने और पहली नाकामयाबी राजेश की कहानी एक आम मध्यमवर्गीय परिवार से शुरू होती है। पिता बैंक क्लर्क, माँ…
एक मिट्टी के घर में पहली सांस मेरा जन्म बिहार के एक छोटे से गाँव में हुआ था, जहाँ बिजली…
शादी की तोहफा आयुषी की शादी की रात थी। समारोह खत्म हो चुका था, और अब वह अपने नए ससुराल…
वापसी अरुण बीस साल बाद अपने पैतृक गाँव लौटा था। उस पुराने हवेली के सामने खड़े होकर उसे अपना बचपन…
बारिश की उस रात सन् 1995 की बात है। एक छोटे से गाँव में तेज़ बारिश हो रही थी। बिजली…
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