पिता की छाया
पहला अध्याय: वह बरगद का पेड़ गाँव की उस पुरानी कोठी के सामने एक विशाल बरगद का पेड़ था, जिसकी छाया में बैठकर पंडित जी दर्ज़ी की दुकान चलाते थे। रोहन के लिए वह पेड़ सिर्फ एक पेड़ नहीं था, वह उसका पूरा बचपन था। उसकी जड़ों में छुपकर खेलना, डालियों पर चढ़ना, और शाम …