bhayanak kahani

तीन बजे का आईना

तीन बजे का आईना अरुण की ज़िंदगी एक सुव्यवस्थित मेट्रोनोम की तरह चलती थी। सुबह छह बजे की अलार्म घड़ी,…

1 month ago

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