चाचा का रेडियो ध्वनियों का खजाना
चाचा का रेडियो ध्वनियों का खजाना सन् 1965 की गर्मियों की वह शाम, जब चाचा श्रीकांत प्रसाद मिश्रा अपने साथ एक बड़ा सा लकड़ी का डिब्बा लेकर गाँव लौटे, आज भी गाँव के बुजुर्गों की स्मृति में ताजा है। उस डिब्बे में था एक रेडियो – फिलिप्स कंपनी का, ब्राउन रंग का, सामने मखमली कपड़े …