गांव की बिजली: स्वावलंबन की एक चिंगारी

गांव की बिजली: स्वावलंबन की एक चिंगारी

एक समय की बात है जब एक गाँव ने सरकारी योजनाओं का इंतज़ार छोड़ अपनी बिजली खुद बनाने का फैसला किया। यह कहानी है सामुदायिक एकजुटता, संघर्ष और आत्मनिर्भरता की। अँधेरे में डूबा गाँव और एक अधूरा सपना सिमराहा गाँव की शामें सूरज ढलते ही शुरू हो जाती थीं। जैसे ही सूर्य की अंतिम किरणें …

Read more