गांव की बिजली: स्वावलंबन की एक चिंगारी

गांव की बिजली: स्वावलंबन की एक चिंगारी

एक समय की बात है जब एक गाँव ने सरकारी योजनाओं का इंतज़ार छोड़ अपनी बिजली खुद बनाने का फैसला किया। यह कहानी है सामुदायिक एकजुटता, संघर्ष और आत्मनिर्भरता की। अँधेरे में डूबा गाँव और एक अधूरा सपना सिमराहा गाँव की शामें सूरज ढलते ही शुरू हो जाती थीं। जैसे ही सूर्य की अंतिम किरणें …

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आम का पेड़ एक गाँव की विरासत

आम का पेड़ एक गाँव की विरासत

आम का पेड़ एक गाँव की विरासत सुबह की पहली किरण ने जब चंपानगर गाँव को स्पर्श किया, तो सबसे पहले वह विशाल आम के पेड़ की पत्तियों पर ठहरी। यह पेड़ गाँव के बीचों-बीच, चौराहे पर खड़ा था, मानो पूरे गाँव का संरक्षक हो। इसकी शाखाएँ इतनी फैली हुई थीं कि लगभग आधा एकड़ …

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मिट्टी की खुशबू

मिट्टी की खुशबू

वह सुबह जब पहली बार मिट्टी की वह ख़ास खुशबू मेरे नथुनों में समाई, मैं सिर्फ सात साल का था। बारिश के बाद की वह सुबह, जब धूप ने पहली बार जमीन को छुआ और भाप बनकर मिट्टी से उठी वह सुगंध… मेरे दादाजी ने मुझे अपनी गोद में उठा लिया और कहा, “देख रहे …

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