चूल्हे की आँच

चूल्हे की आँच

रमा ने कड़ाही में प्याज़-टमाटर का मसाला चलाते हुए सुबह के सूरज को रसोई की खिड़की से झाँकते देखा। चूल्हे की नारंगी लपटें उसके चेहरे पर नाच रही थीं, और उसकी चूड़ियाँ हर हलचल पर खनकती थीं। पर आज उन खनकती चूड़ियों में भी एक उदास सी सन्नाटा था, जैसे वह सिमरन के फोन न …

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