ज्वालामुखी की गर्मी – अग्नि का जादू

ज्वालामुखी की गर्मी - अग्नि का जादू

रहस्यमय पर्वत धौलाधार की पहाड़ियों के पास एक छोटे से गाँव में रहने वाला वीरू दस साल का जिज्ञासी लड़का था। उसके गाँव के लोग एक अजीब पर्वत के बारे में कहानियाँ सुनाते थे जिसे वे “गरम पहाड़” कहते थे। “उस पहाड़ के अंदर देवताओं की अग्नि रहती है,” दादी कहतीं। “वह कभी-कभी गुस्से में …

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वर्षा वन का जादू: हरियाली और रहस्य

वर्षा वन का जादू - हरियाली और रहस्य

खोया हुआ नक्शा अर्जुन एक बारह वर्षीय जिज्ञासु लड़का था जो अपने दादाजी के साथ शहर के किनारे वाले घर में रहता था। उसके दादाजी प्रोफेसर शर्मा, प्रकृति विज्ञान के अध्यापक थे। एक बरसाती दिन, अर्जुन अटारी में पुराने सामान की खोज कर रहा था जब उसे एक चमड़े का पुराना रोल मिला। इसे खोलने …

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जादुई खेल – कल्पना की दुनिया

जादुई खेल - कल्पना की दुनिया

खोई हुई कल्पना राहुल सात साल का एक चतुर लड़का था, पर उसकी एक समस्या थी – वह खेलना भूल चुका था। उसका सारा समय टीवी, वीडियो गेम्स और मोबाइल फोन में बीतता था। एक दिन, जब उसकी दादी ने उसे अपने बचपन के खेलों के बारे में बताया, तो राहुल ने नाक-भौं सिकोड़ते हुए …

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गाँव की पहली साइकिल: पहियों पर सवार एक क्रांति

गाँव की पहली साइकिल

एक अनोखा आगमन सन् 1962 की बात है। हमारा गाँव ‘सुखपुरा’ दुनिया की भागदौड़ से कोसों दूर, शांति से सोया हुआ था। गाँव की धूलभरी सड़कों पर बैलगाड़ियों के पहियों के निशान और पैदल चलने वालों के पैरों के निशान ही देखने को मिलते थे। एक दिन सुबह-सुबह जब गाँव वाले अपने दैनिक कामों में …

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हार मानने से पहले की जीत: वह आखिरी प्रयास जिसने सब कुछ बदल दिया

हार मानने से पहले की जीत

अंतिम सांसें, अंतिम प्रयास वह रात जब सब कुछ समाप्त होता दिखा माधव की आँखें थकी हुई थीं। कमरे में घंटों से पड़े हुए कागजातों पर उसकी नजरें धुँधली पड़ रही थीं। डेस्क पर रखी घड़ी ने रात के 2 बजा दिए थे। कल सुबह 10 बजे उसके स्टार्टअप ‘इनोवेट एजु’ के लिए अंतिम फंडिंग …

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असफलता ने कैसे बदली किस्मत: एक ऐसी कहानी जो आपको नए नजरिए से देखना सिखाएगी

सुनहरे सपने और पहली नाकामयाबी राजेश की कहानी एक आम मध्यमवर्गीय परिवार से शुरू होती है। पिता बैंक क्लर्क, माँ गृहिणी। बचपन से ही राजेश बेहद मेधावी छात्र था। हर कक्षा में प्रथम आता, स्कूल के सभी ट्रॉफी उसके नाम। परिवार, शिक्षक, पड़ोसी – सभी की नजरें उस पर टिकी थीं। बारहवीं में 98% अंक …

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गरीबी से सफलता तक का सफर: एक व्यक्तिगत यात्रा

एक मिट्टी के घर में पहली सांस मेरा जन्म बिहार के एक छोटे से गाँव में हुआ था, जहाँ बिजली सपना थी और पक्की सड़क एक लक्जरी। हमारा घर मिट्टी का था, छप्पर की छत थी जिससे मानसून में पानी टपकता रहता था। पिता एक छोटे से खेत में मजदूरी करते थे, माँ घर संभालती …

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अंतिम सांस तक ममता: एक माँ का अमर त्याग

अंतिम सांस तक ममता: एक माँ का अमर त्याग

बारिश की उस रात सन् 1995 की बात है। एक छोटे से गाँव में तेज़ बारिश हो रही थी। बिजली गिरने से पूरा गाँव अंधकार में डूबा हुआ था। ऐसे में एक छोटी सी झोपड़ी से एक स्त्री की कराह सुनाई दी। वह थीं सुशीला, जो अकेले ही प्रसव पीड़ा से जूझ रही थीं। उनके …

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पहाड़ों को चीरता हुआ सूरज: मोहन की मेहनत से सफलता तक की यात्रा

पहाड़ों को चीरता हुआ सूरज: मोहन की मेहनत से सफलता तक की यात्रा

एक ऐसा बचपन जहाँ खिलौने नहीं, जिम्मेदारियाँ थीं हिमाचल प्रदेश के एक दूरस्थ गाँव “मलाणा” में, जो समुद्र तल से 10,000 फीट की ऊँचाई पर बसा है, मोहन का जन्म हुआ। उसके पिता एक छोटे से खेत में मजदूरी करते थे और माँ गाँव के लोगों के घरों में चूल्हा-चौका करके परिवार चलाती थीं। मोहन …

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पत्थरों से पगडंडी बनाकर सिविल सेवा तक: अनिल की अनोखी यात्रा

पत्थरों से पगडंडी बनाकर सिविल सेवा तक: अनिल की अनोखी यात्रा

गाँव की मिट्टी में उगा सपना बिहार के एक दूरस्थ गाँव, जहाँ बिजली एक विलासिता थी और पक्की सड़क एक सपना, वहाँ एक छोटा सा कच्चा मकान था। इस मकान में अनिल अपने माता-पिता और तीन भाई-बहनों के साथ रहता था। उसके पिता, रामकुमार, एक छोटे से खेत में मजदूरी करते थे, जिसकी आय से …

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