जादुई दवा – एक रहस्यमय कहानी

जादुई दवा - एक रहस्यमय कहानी

रहस्यमय बूढ़ा व्यक्ति राज एक छोटे से गाँव में रहने वाला साधारण लड़का था। वह अपनी माँ के साथ एक छोटे से घर में रहता था। उसकी माँ बहुत बीमार रहती थी, और डॉक्टरों ने कह दिया था कि अब कोई उपाय नहीं बचा है। एक दिन, जब राज जंगल से लकड़ियाँ इकट्ठा कर रहा …

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सच्चाई का इनाम: एक प्रेरणादायक कहानी

सच्चाई का इनाम: एक प्रेरणादायक कहानी छोटे शहर की बड़ी मुश्किल रमेश शर्मा सुबह पांच बजे उठ गया। उसकी आँखों में नींद थी, लेकिन दिल में एक जुनून। वह दिल्ली के एक छोटे से इलाके, विवेक विहार में रहता था। दो कमरे का किराये का मकान, पत्नी सुनीता, बारह साल की बेटी प्रिया और आठ …

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तीन बजे का आईना

तीन बजे का आईना अरुण की ज़िंदगी एक सुव्यवस्थित मेट्रोनोम की तरह चलती थी। सुबह छह बजे की अलार्म घड़ी, बिना किसी बहाने के दस मिनट के भीतर बिस्तर छोड़ना, रोज़ाना पाँच किलोमीटर की दौड़, नौ बजे तक ऑफिस की कुर्सी पर बैठना, और रात दस बजे फिर से बिस्तर। सात साल से यही दिनचर्या। …

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दोहरी छाया: एक डरावनी कहानी

दोहरी छाया: एक डरावनी कहानी

दोहरी छाया: एक डरावनी कहानी वह अजनबी घर राजेश ने अपनी कार से निकलते हुए उस पुराने हवेली को घूरा। बारिश की हल्की फुहार उसके चेहरे पर पड़ रही थी, और हवा में नमी का अहसास था। उसने अपना कोट कस कर पहना और सामान निकालना शुरू किया। “सर, आप यहाँ अकेले रहेंगे?” ड्राइवर ने …

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दुल्हन का गहना

शादी की तोहफा आयुषी की शादी की रात थी। समारोह खत्म हो चुका था, और अब वह अपने नए ससुराल के कमरे में बैठी थी। उसका पति, विराट, अभी तक कमरे में नहीं आया था। वह गेस्ट्स को विदा कर रहा था। तभी दरवाज़ा खुला और विराट की दादी अंदर आईं। उनके हाथ में एक …

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रिश्तों के भूत

Ghosts of Relationships: A Horror Story

वापसी अरुण बीस साल बाद अपने पैतृक गाँव लौटा था। उस पुराने हवेली के सामने खड़े होकर उसे अपना बचपन याद आ रहा था। लेकिन यह यादें मीठी नहीं थीं। हवेली का मुख्य दरवाज़ा जर्जर हो चुका था। अरुण ने चाबी घुमाई – वही पुरानी चाबी जो उसके पिता ने मरने से पहले दी थी। …

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पत्थरों से पगडंडी बनाकर सिविल सेवा तक: अनिल की अनोखी यात्रा

पत्थरों से पगडंडी बनाकर सिविल सेवा तक: अनिल की अनोखी यात्रा

गाँव की मिट्टी में उगा सपना बिहार के एक दूरस्थ गाँव, जहाँ बिजली एक विलासिता थी और पक्की सड़क एक सपना, वहाँ एक छोटा सा कच्चा मकान था। इस मकान में अनिल अपने माता-पिता और तीन भाई-बहनों के साथ रहता था। उसके पिता, रामकुमार, एक छोटे से खेत में मजदूरी करते थे, जिसकी आय से …

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दरवाज़े से दूर, आसमान तक: राहुल की अनोखी यात्रा

दरवाज़े से दूर, आसमान तक: राहुल की अनोखी यात्रा

अंधेरी कोठरी से पहली किरण तक दिल्ली के उन तंग गलियों में, जहाँ सूरज की रोशनी भी घुसने से कतराती थी, एक छोटी सी कोठरी में राहुल अपनी माँ के साथ रहता था। उसकी दुनिया महज दस फुट बाई दस फुट थी, जिसमें एक चारपाई, एक छोटा सा चूल्हा और किताबों का एक ढेर था। …

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गाँव का मास्टर जी: स्याही और संस्कारों की दुनिया

गाँव का मास्टर जी

उस सुबह जब पहली किरण अभी पीपल के पत्तों को छू भी नहीं पाई थी, मास्टर जी पहले ही विद्यालय पहुँच चुके थे। उनका विद्यालय कोई भव्य इमारत नहीं था – चार कच्ची दीवारें, खपरैल की छत और फर्श पर बिछी चटाइयाँ। लेकिन मास्टर जी के लिए यह ताजमहल से कम नहीं था। मास्टर जी …

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मौत का फोन कॉल

विनय अपने नए घर की तीसरी मंजिल से उतर रहा था। पिछले हफ्ते ही वह इस इमारत में शिफ्ट हुआ था। आधी रात के करीब का समय था। लिफ्ट खराब होने की वजह से उसे सीढ़ियों से ही उतरना पड़ रहा था। सीढ़ियों की रोशनी टिमटिमा रही थी। हर मोड़ पर एक बल्ब जरूर था, …

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