ज्वालामुखी की गर्मी – अग्नि का जादू

ज्वालामुखी की गर्मी - अग्नि का जादू

रहस्यमय पर्वत धौलाधार की पहाड़ियों के पास एक छोटे से गाँव में रहने वाला वीरू दस साल का जिज्ञासी लड़का था। उसके गाँव के लोग एक अजीब पर्वत के बारे में कहानियाँ सुनाते थे जिसे वे “गरम पहाड़” कहते थे। “उस पहाड़ के अंदर देवताओं की अग्नि रहती है,” दादी कहतीं। “वह कभी-कभी गुस्से में …

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एक तारा टूट गया है

छोटी सी आँखें खुलीं। रोशनी ने उन्हें चुभन सी दी। वो धीरे से उठ बैठा। कमरा खाली था। खिड़की से सूरज की किरणें आ रही थीं। उसने देखा, मेज पर एक चिट पड़ी थी। “आरव, हम दोनों अस्पताल गए हैं। तुम स्कूल जाना। दोपहर को दादी आएंगी। खाना फ्रिज में है।” आरव ने चिट को …

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ईमानदारी की जीत

ईमानदारी की जीत

दो भाई गंगापुर एक छोटा सा गाँव था जो नदी के किनारे बसा हुआ था। इस गाँव में राम और श्याम नाम के दो भाई रहते थे। दोनों की उम्र में पाँच साल का फर्क था – राम बड़ा और श्याम छोटा। उनके पिता का देहांत बचपन में ही हो गया था, और माँ ने …

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दोहरी छाया: एक डरावनी कहानी

दोहरी छाया: एक डरावनी कहानी

दोहरी छाया: एक डरावनी कहानी वह अजनबी घर राजेश ने अपनी कार से निकलते हुए उस पुराने हवेली को घूरा। बारिश की हल्की फुहार उसके चेहरे पर पड़ रही थी, और हवा में नमी का अहसास था। उसने अपना कोट कस कर पहना और सामान निकालना शुरू किया। “सर, आप यहाँ अकेले रहेंगे?” ड्राइवर ने …

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गरीब की अमीरी: एक ऐसा खजाना जो धन से परे था

गरीब की अमीरी: एक ऐसा खजाना जो धन से परे था

अंधेरी बस्ती का रौशन दिल रामू की झोपड़ी शहर के किनारे बसी उस झुग्गी बस्ती के सबसे निचले हिस्से में थी, जहाँ नालों का गंदा पानी बरसात के दिनों में घुस आता था। तीन बच्चे, बीमार पत्नी और बूढ़ी माँ की जिम्मेदारी उसके कंधों पर थी। दिन भर मजदूरी करके वह जो कमाता, वह दवा …

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कच्ची पगडंडी

कच्ची पगडंडी

कच्ची पगडंडी मेघा के लैपटॉप का स्क्रीनसेवर बार-बार बदल रहा था – हिमालय की तस्वीरें, जिन्हें उसने कभी खुद नहीं खींची थी। डेस्क पर रखा हर्बल टी का कप ठंडा पड़ चुका था। बारहवीं मंजिल से दिख रहा मुंबई का शहर अपनी निरंतर गतिशीलता में डूबा हुआ था, पर मेघा का मन कहीं और भटक …

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लोटा और लाज

लोटा और लाज

खोया हुआ लोटा बाबूजी का अनमोल लोटा रामस्वरूप दास के लिए उनका पीतल का लोटा कोई साधारण बर्तन नहीं था। वह उनकी पहचान थी, उनकी शान थी, उनके पिता की विरासत थी। पचास साल से भी ज्यादा समय से वह उसी लोटे से पानी पीते आ रहे थे। लोटे पर उनके दादा ने उनके नाम …

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लॉकडाउन की सच्ची कहानी: अनचाहे विराम से नई शुरुआत

लॉकडाउन की सच्ची कहानी

24 मार्च 2020 की वह रात, जब प्रधानमंत्री के भाषण के साथ ही पूरा देश थम सा गया। 21 दिन के लॉकडाउन ने हर जीवन को एक अनचाहा विराम दे दिया। राजेश, जो एक छोटे रेस्तरां में मैनेजर थे, के लिए लॉकडाउन का मतलब था नौकरी जाने का डर। घर बैठे-बैठे वे रोज़ अपने मालिक …

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गांव की बिजली: स्वावलंबन की एक चिंगारी

गांव की बिजली: स्वावलंबन की एक चिंगारी

एक समय की बात है जब एक गाँव ने सरकारी योजनाओं का इंतज़ार छोड़ अपनी बिजली खुद बनाने का फैसला किया। यह कहानी है सामुदायिक एकजुटता, संघर्ष और आत्मनिर्भरता की। अँधेरे में डूबा गाँव और एक अधूरा सपना सिमराहा गाँव की शामें सूरज ढलते ही शुरू हो जाती थीं। जैसे ही सूर्य की अंतिम किरणें …

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देसी शादी: रंग, रीत और रिश्तों का महाकुंभ

देसी शादी

दो दिल, दो परिवार उज्जैन के एक मध्यमवर्गीय परिवार में रहने वाली आर्या शर्मा जब पहली बार राहुल मेहरा से मिली, तो उसे एहसास नहीं था कि यह मुलाकात उसके जीवन का सबसे महत्वपूर्ण मोड़ साबित होगी। दोनों की मुलाकात एक कॉमन फ्रेंड के जन्मदिन की पार्टी में हुई थी, जहाँ पहली नज़र में ही …

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