खेतों का राजा

1 month ago

मेरे गाँव में एक कहावत थी—"जिसके पास ज़मीन, उसके पास ज़िंदगी।" और हमारे गाँव में सबसे ज़्यादा ज़मीन थी बाबू…

चूल्हे की आँच

1 month ago

रमा ने कड़ाही में प्याज़-टमाटर का मसाला चलाते हुए सुबह के सूरज को रसोई की खिड़की से झाँकते देखा। चूल्हे…

पनघट की मुलाक़ात

1 month ago

गर्मी की सुबह। सूरज ने अभी-अभी अपनी पहली किरणें फेंकनी शुरू की थीं, लेकिन हवा में पहले से ही गर्मी…

स्कूल की आख़िरी घंटी

1 month ago

पंद्रह मार्च। आज सेंट जेवियर्स स्कूल के बारहवीं कक्षा के छात्रों के लिए आख़िरी दिन था। आख़िरी घंटी बजने का…

कच्चे घर का सपना

1 month ago

कच्चे घर का सपना राजू की आँखें खुलीं तो छत से पानी की एक बूँद उसके माथे पर आकर गिरी।…

मिट्टी की खुशबू

1 month ago

वह सुबह जब पहली बार मिट्टी की वह ख़ास खुशबू मेरे नथुनों में समाई, मैं सिर्फ सात साल का था।…

अकेलेपन की कहानी अनकहा सन्नाटा

1 month ago

शहर के एक कोने में बसा वह पुराना मकान नंबर 47, जिसकी खिड़कियाँ सालों से बंद पड़ी थीं। उस मकान…

पिता की छाया

1 month ago

पहला अध्याय: वह बरगद का पेड़ गाँव की उस पुरानी कोठी के सामने एक विशाल बरगद का पेड़ था, जिसकी…

माँ की खामोश दुआएँ

1 month ago

सुबह की पहली किरण ने गाँव के छोटे-से घर की खिड़की को छुआ। माँ आँगन में बैठी रोटी बना रही…

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